क़ुरआन

तफ़्हीम-उल-क़ुरआन जैसे कि नाम ही से ज़ाहिर है कि इस हिस्से में हमने क़ुरआन शरीफ़ की सहीह तारीख़ और तालीम को आपके सामने रखा है। इस में आप उन उलमा इक्राम की कुतुब से फ़ैज़याब होंगे जिन्हों ने अपनी इल्मी सलाहीयतों से ये साबित किया है कि क़ुरआन शरीफ़ की वो तारीख़ जो अहले-इस्लाम बयान करते हैं कहाँ तक पायह्-एतबार के काबिल है और दुनिया-ए- इस्लाम जो ये दावा करती है कि क़ुरआन शरीफ़ लोह्-ए-महफ़ूज़ पर है और यह मोजिज़ा है या इस की तालीम आलमगीर है, कहाँ तक और किन माअनों में सच्च है। दर्ज-ए-जे़ल जो कुतुब हैं उन को पढ़ने के बाद हमारी ये दुआ है कि परवरदिगार इस को वाक़ई सहीह माअनों में तफ़्हीम-उल-क़ुरआन बना दे।